इंसानियत के साथ खड़े होने की हिम्मत पैदा करो...

इस देश का दुर्भाग्य है कि कोई अपने अध्यवसाय/परिश्रम/पुरूषार्थ के बल पर जीवन में यदि ऊँचा मुकाम प्राप्त करता है तो उसकी जाती के लोग गौरव गान करने लगते हैं उसकी सफलता पर गर्व करने लगते हैं बावजूद इसके कि उस व्यक्ति की उपलब्धि में उनका कोई योगदान नही होता। ठीक इसी प्रकार यदि कोई अपराधी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाता है/एनकाउंटर में मारा जाता है/गैंगबारी में मारा जाता है तो उसे सभ्य समाज एक अपराधी की मृत्यु नही बल्कि एक जाति पर हमला समझते हैं। ऐसी मानसिकता से समाज का विनाश ही होगा विकास नही। जाति नही इंसानियत के साथ खड़े होने की हिम्मत पैदा करने वाला ही दुनिया में पूजित होगा,बाकि लोगों के लिए गालियां भी कम है। मैं ऐसी जातीय नफरती सोंच की भर्तस्ना करता हूँ। 🇮🇳अनिल कुमार यादव✍️

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